लंबी ड्राइव

चलो एक लंबी ड्राइव पे चलें
रास्ते और मंजिल से बेफ़िकर
एक बार बिना किसी मतलब के चलें

कुछ दूर चल कर तुम
सुकून की तरफ मोड़ लेना
मन करे तो वो अपना
पुराना गाना भी लगा लेना

आज हर बात की छूट है
हाँ तुम गुनगुना भी सकते हो
अपनी ही तो गाड़ी है
सुरों को तोड़ मरोड़ भी सकते हो

उन जंजीरों को फेंक देना
ख्वाहिशों को जो जकड़े हुए हैं
उन कचरे के डिब्बों में
जो रस्ते के मोड पर पडे़ हुए हैं

कभी सड़क पर
कभी थोड़ा उड़ते हुए
बादलों को अपनी सासों में रखना
अपनी रफ्तार तेज
और समय की रफ्तार धीमी रखना

वो देखो वहां रोशनी है
हंसी के कहकहे भी सुनी है मैंने
चलो उस तरफ चलें
रास्ते और मंजिल से बेख़बर
अपने बचपन में चलें
चलो एक लंबी ड्राइव पे चलें
चलो खयालों कि लंबी ड्राइव पे चलें
चलो अपने बचपन में चलें

सोई धूप

Picture credit – Anjali my daughter

वो आई धूप
बंद खिड़कियों के शीशों से
कमरे कि देहलीज़ लांघ कर
वो लाई धूप
उस दूर जलती आग कि आंच
हथेली में बचा कर
किरनों की गुस्ताख हाथों ने
चुपके से मला
वो आलसी गर्माहट मेरे गालों पर
दूर से आई आंच
मेरे पल का हिस्सा बन गई
कुछ कहा नहीं
पर कुछ एहसास सा दे गई
कुछ कहते कहते
यूँ आंख सी लग गई
कुछ देर मेरे साथ
वो धूप भी सो गई

नयी सुबह

कुछ खो सा गया है
ऐसा एहसास है।
क्या कोई चमन था
जो खो गया है?

खून की बारिश
कुछ थम सी गई है,
खुला आसमान
कुछ नया सा लगता है।

खौफ का आलम
कुछ ऐसा था कि,
इस खामोश अमन
की आदत नहीं थी।

हालात बदलेंगे
शक इस बात का हर वक़्त रहा,
अपनी खुश नसीबी का
अर्से से एतबार नहीं है।

इतना झूट से रिश्ता
गहरा हो गया है,
सच्चाई पे अब
विश्वास ही नहीं है।

शायद,
मौसम बदल रहा है,
नया आलम आने को है,
कुछ खोने का एहसास है तो सही,
पर शायद पाने का डर भी भरा है।

आओ आंखें मलें,
और अपने नसीब को सवार लें।
खौफ और शक की रात गई
नयी सुबह होने को है।

A Leap year

It’s a little longer
This year
This lap around
the Fiery sphere

A day more
to revel in the wonders
A day more
to see, feel and hear

A day more
to pause and think
A day more to
See things clear

What’s me
And what’s you
A day more to stretch
Beyond the near and dear

time to embrace
the difference of mine and you
to quench with love
the raging fire of fear

To have faith
Beyond my own faith
A day more
To make the boundaries dissappear

Its time to surge
Time to shed the phony exterior
A day more
To take a leap of faith this year

माँ कि सालगिरह

सुबह बात हुई
सालगिरह की बधाई दी
खूब साथ हसे
दूर होते हुए भी
नजदीक होने का एहसास हुआ
आप का ही अंश हूं
ये एहसास हुआ
मेरे होने से पहले
मैं आपमे मौजूद था
ये भी एहसास हुआ
जब में हंसता हूं
मां के होंट भी
मुस्कराते होंगे
जब में दुखी होता हूं
तो वो आंखें भी
भीग जाती होंगी
दूरियों का क्या है
एहसास से तो
हम पास पास हैं
तो आज चलो
अपनी सालगिरह साथ मनाएं
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