जिंदगी की कहानी

मिला उन सबसे
मेरी यादें हैं जो
हर लम्हों कि महक महसूस कर ली
ऐसा लगा जिंदगी फिर जी ली

हंसी के पल
ठहाके लगा कर जी लिए
फिर खुराफात के मौके ढूँढ लिए
फिर बचपन कि बेचैन दस्तक सुन ली

गले लगा के धड़कनों को पहचान लिया
उनकी खुशबु का असर देर तक महसूस किया
कभी दूर ना थे, ये एहसास हुआ
ऐसा लगा कि फिर उसी पल की नजाकत देख ली

हर शख्स जो मिला
जिंदगी का हिस्सा बन गया
वो मेरी और मैं उनकी कहानी बन गया
उनसे मुलाकात कर ऐसा लगा
फिर यादों में अपनी जिंदगी की कहानी सुन ली

आज फिर से

आज. क्यूँ ऐसा लगा
तुमसे दोस्ती कर लें….
…. जान पहचान हुए
अर्सा हो गया

यह चेहरा
कुछ अपना सा लगा…
… आँखों में आंखें डाले
अर्सा हो गया

हाथ थामा है अब
तो गर्माहट का अह्सास हुआ…
… ठंड में नर्म धूप का लुफ्त लिए
अर्सा हो गया

आज जब बैठे
तो सदियों के किस्से याद आये…
… फुर्सत कि दोपहर चुरा कर सोना
अर्सा हो गया

तुमसे आज फिर मुलाकात हुई
अछा सा लगा…
… नए दोस्त बनाए
अर्सा हो गया

आज क्यूँ ऐसा लगा
तुमसे दोस्ती कर लें…
… रिश्ता हमारा हुए
अर्सा हो गया