जिंदगी की कहानी

मिला उन सबसे
मेरी यादें हैं जो
हर लम्हों कि महक महसूस कर ली
ऐसा लगा जिंदगी फिर जी ली

हंसी के पल
ठहाके लगा कर जी लिए
फिर खुराफात के मौके ढूँढ लिए
फिर बचपन कि बेचैन दस्तक सुन ली

गले लगा के धड़कनों को पहचान लिया
उनकी खुशबु का असर देर तक महसूस किया
कभी दूर ना थे, ये एहसास हुआ
ऐसा लगा कि फिर उसी पल की नजाकत देख ली

हर शख्स जो मिला
जिंदगी का हिस्सा बन गया
वो मेरी और मैं उनकी कहानी बन गया
उनसे मुलाकात कर ऐसा लगा
फिर यादों में अपनी जिंदगी की कहानी सुन ली

यादों का खजाना

हर दिन का हिसाब है
बुने नए कई ख्वाब हैं
कुछ रह गए खयालों में
कुछ हकीकत कि मिसाल हैँ ।

ख्वाबों से जिंदगी चुराई है
दिल भर कर जिया है।
हर लम्हा अनमोल था
यादों में कैद किया है।

यादों की चुस्की लेकर
फिर उन दिनों का मज़ा लेंगे
ख्वाबों का क्या है
फिर हिसाब लगा लेंगे

आज फिर से

आज. क्यूँ ऐसा लगा
तुमसे दोस्ती कर लें….
…. जान पहचान हुए
अर्सा हो गया

यह चेहरा
कुछ अपना सा लगा…
… आँखों में आंखें डाले
अर्सा हो गया

हाथ थामा है अब
तो गर्माहट का अह्सास हुआ…
… ठंड में नर्म धूप का लुफ्त लिए
अर्सा हो गया

आज जब बैठे
तो सदियों के किस्से याद आये…
… फुर्सत कि दोपहर चुरा कर सोना
अर्सा हो गया

तुमसे आज फिर मुलाकात हुई
अछा सा लगा…
… नए दोस्त बनाए
अर्सा हो गया

आज क्यूँ ऐसा लगा
तुमसे दोस्ती कर लें…
… रिश्ता हमारा हुए
अर्सा हो गया

चलो नई कहानी लिखें

अपनी स्याही
अपने किरदार
एक कहानी हो गयी

एक से मोहबत
और एक से नफरत
क्या कहानी हो गयी

नाम किरदार का याद रहा
अपनी पहचान भूल गए
कहानी, एक सच्चाई हो गयी

किरदारों से वाह वाह
ये अब कैसी उम्मीद है जो
अजब बेबसी हो गयी

नए रंग की दवात ली है
नए रंगों से नए किरदार लिखेंगे
एक हसीन कहनी हो गयी

हज़ारों ख्वाहिशें

इतवार तो कैलेंडर पे लिखा शब्द है
उसका इतना इंतज़ार क्यूँ
हफ्ता पड़ा है जीने को
आज से इतनी मायूसी क्यूँ

शायद फुर्सत का इंतज़ार है
पर किस बात से फुर्सत?
इसकी मालुमात नहीं
क्या पता किस आराम कि ख्वाहिश है
और किस आराम से आज कल
अछे तालुकात नहीं

कभी सोने कि कोशिश में
रात गई
और कभी नींद उड़ाते
सुबह हुई

कुछ ख्वाहिशें ऐसी, जो मुमकिन है
कुछ ख्वाहिशें ही गुनाह है
जो मुमकिन है, वो तो आसान है
जो गुनाह है उसीका नशा है

अपने जुनून को पहचान लो
नशा जिसका है उसे एक नाम दो
फुर्सत नहीं, मौका दूंड़ेंगे
जिसमे मज़ा है उस ख्वाहिश का आराम लो

आज दिन अच्छा है
मुहूर्त आज का निकला है
इतवार का क्या है
आज कैलेंडर नया निकला है